यूपी पुलिस की बड़ी कामयाबी: लखनऊ में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से पुलिस ने एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IAS अधिकारी बताकर लोगों और सरकारी अधिकारियों को चूना लगा रहा था. गिरफ्तार आरोपी की पहचान सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई है, जिसने एक हाई-प्रोफाइल रैकेट चलाकर कई लोगों को अपना शिकार बनाया.
वीआईपी सुविधाओं का इस्तेमाल कर झांसे में लेते थे आरोपी
सौरभ त्रिपाठी ने अपनी जालसाजी के लिए बाकायदा एक सिस्टम तैयार कर रखा था. वह महंगी लग्जरी गाड़ियों के काफिले में चलता था, जिन पर लाल-नीली बत्तियां और भारत सरकार के स्टीकर लगे होते थे. इन गाड़ियों को देखकर लोग उसे सचमुच का IAS अधिकारी समझ लेते थे और उसकी बातों में आसानी से आ जाते थे. इतना ही नहीं, आरोपी ने फर्जी आईडी कार्ड, ट्रांसफर ऑर्डर्स और अन्य सरकारी दस्तावेज भी तैयार कर रखे थे, ताकि किसी को भी उस पर शक न हो.
इस तरह देते थे घटनाओं को अंजाम
फर्जी IAS त्रिपाठी ने अपनी जालसाजी के लिए एक खास तरीका अपनाया था. वह अलग-अलग राज्यों में होने वाले बड़े-बड़े वीआईपी कार्यक्रमों, सम्मेलनों और सेमिनारों में शामिल होता था. इन कार्यक्रमों में वह सरकारी अधिकारियों और बड़े-बड़े बिजनेसमैन से मिलता था और उन्हें झांसा देकर उनसे पैसे वसूलता था. वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) या किसी अन्य प्रतिष्ठित विभाग से संबद्ध बताता था, जिससे लोगों को उसकी बातों पर और भी भरोसा हो जाता था.
पुलिस को कैसे लगी भनक
सौरभ त्रिपाठी की जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब एक सतर्क नागरिक ने पुलिस को उसके बारे में शिकायत की. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को त्रिपाठी के खिलाफ कई सबूत मिले, जिसके बाद उसे लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ
पुलिस ने त्रिपाठी के पास से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, लाल-नीली बत्तियों वाली लग्जरी गाड़ियां और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है. त्रिपाठी से पूछताछ की जा रही है ताकि उसके रैकेट में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पता लगाया जा सके. पुलिस को शक है कि त्रिपाठी ने कई राज्यों में लोगों को ठगा है और उसके रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं.
जनता से सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे जालसाजों से सतर्क रहें. अगर कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर आपसे पैसे या कोई अन्य मदद मांगता है, तो उसकी बातों पर आसानी से भरोसा न करें. उस व्यक्ति के बारे में पुलिस से संपर्क करें और उसकी पहचान की पुष्टि करें. पुलिस ने यह भी कहा है कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच करेंगे और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.
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