​प्रो. प्रशांत सिंह को मिला 'इंटेलिजेंट वॉटर प्यूरीफायर' का पेटेंट: डीएवी पीजी कॉलेज की बड़ी उपलब्धि DAV PG College Professor Receives Indian Patent for AI-Based Water Purifier

DAV PG College Professor Receives Indian Patent for AI-Based Water Purifier
Dehradun: In a significant breakthrough for water purification technology, Prof. Prashant Singh, Head of the Chemistry 
Department at DAV PG College, Dehradun, has been granted an Indian Design Patent for an automated water purification device.
The achievement has been lauded by the academic community, with College Principal Prof. Kaushal Kumar congratulating Prof. Singh on this milestone.

प्रो. प्रशांत सिंह को मिला 'इंटेलिजेंट वॉटर प्यूरीफायर' का पेटेंट: डीएवी पीजी कॉलेज की बड़ी उपलब्धि

देहरादून: विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज के रसायन विज्ञान (Chemistry) विभागाध्यक्ष प्रो. प्रशांत सिंह को जल शुद्धिकरण के लिए बनाए गए एक विशेष स्वचालित उपकरण के लिए भारतीय डिजाइन पेटेंट से नवाजा गया है।

​इस सफलता पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. कौशल कुमार ने उन्हें बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गर्व का विषय बताया है।


क्या है यह खास तकनीक?

​यह पेटेंट 'एडवांस्ड कंटैमिनेट डिटेक्शन और रेमेडीएशन' (उन्नत प्रदूषक पहचान और सुधार) के लिए बने एक इंटेलिजेंट वॉटर ट्रीटमेंट डिवाइस को मिला है। यह मशीन पानी में मौजूद सूक्ष्म से सूक्ष्म गंदगी और खतरों को पहचानने में सक्षम है:

  • रियल-टाइम पहचान: यह पानी में मौजूद हानिकारक रसायनों, बैक्टीरिया और भारी धातुओं (Heavy Metals) की तुरंत पहचान करता है।
  • स्वचालित प्रक्रिया: इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पानी की गुणवत्ता के अनुसार अपनी फिल्टर करने की प्रक्रिया को खुद-ब-खुद (Auto-adjust) बदल लेता है।

कैसे काम करता है यह उपकरण?

​प्रो. प्रशांत द्वारा विकसित यह डिवाइस पूरी तरह आधुनिक तकनीक पर आधारित है:

  1. AI और स्मार्ट सेंसर: इसमें लगे स्मार्ट सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पानी का विश्लेषण करते हैं।
  2. इलेक्ट्रोकेमिकल उपचार: शुद्धिकरण के लिए इसमें इलेक्ट्रोकेमिकल कंपोनेंट्स और डेटा प्रोसेसिंग मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।
  3. कम मानवीय हस्तक्षेप: इस सिस्टम को इस तरह बनाया गया है कि इसमें इंसानी मदद की कम से कम जरूरत पड़ती है और यह लगातार शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराता है।

प्रमुख लाभ

  • रिमोट मॉनिटरिंग: इंटरनेट के माध्यम से इस डिवाइस की कहीं से भी निगरानी (Remote Monitoring) की जा सकती है।
  • सटीक शुद्धिकरण: जहरीले तत्वों और सूक्ष्मजीवों को प्रभावी ढंग से हटाकर पानी को सुरक्षित बनाना।
  • भरोसेमंद: यह एक स्वचालित और विश्वसनीय तकनीक है जो भविष्य में जल संकट और अशुद्धता से लड़ने में मददगार साबित होगी।

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