प्रभावी परमाणु संख्या (Effective Atomic Number - EAN) क्या है?
कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री (Coordination Chemistry) में, प्रभावी परमाणु संख्या (EAN) किसी संकुल (Complex) के केंद्रीय धातु आयन में मौजूद इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या को दर्शाती है। इसमें धातु के अपने इलेक्ट्रॉन और लिगेंड्स द्वारा दान किए गए इलेक्ट्रॉन दोनों शामिल होते हैं।
सिजविक (Sidgwick) के अनुसार, एक धातु आयन तब तक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है जब तक कि उसकी कुल इलेक्ट्रॉन संख्या उसके पास वाली उत्कृष्ट गैस (Noble Gas) के परमाणु क्रमांक के बराबर न हो जाए।
EAN निकालने का सूत्र (Formula)
EAN की गणना करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का उपयोग किया जाता है:
EAN = Z - (Oxidation State) + 2 × (Coordination Number)
जहाँ:
- Z: केंद्रीय धातु का परमाणु क्रमांक (Atomic Number)।
- Oxidation State (OS): धातु की ऑक्सीकरण अवस्था।
- Coordination Number (CN): लिगेंड्स द्वारा बनाए गए उपसहसंयोजक बंधों की संख्या।
गणना का उदाहरण
आइए [Fe(CN)6]⁴⁻ (Potassium Ferrocyanide आयन) का EAN निकालें:
- केंद्रीय धातु: आयरन (Fe)
- परमाणु क्रमांक (Z): 26
- ऑक्सीकरण अवस्था (OS): यहाँ Fe पर +2 आवेश है।
- समन्वय संख्या (CN): 6 (क्योंकि 6 CN लिगेंड जुड़े हैं)।
गणना:
EAN = 26 - 2 + (2 × 6)
EAN = 24 + 12
EAN = 36
चूँकि 36 क्रिप्टन (Kr) का परमाणु क्रमांक है, इसलिए यह कॉम्प्लेक्स बहुत स्थिर है।
EAN नियम का महत्व
- स्थिरता (Stability): यदि किसी कॉम्प्लेक्स का EAN अगली उत्कृष्ट गैस (36, 54, या 86) के बराबर आता है, तो वह नियम का पालन करता है और अत्यधिक स्थिर माना जाता है।
- अपवाद: कई महत्वपूर्ण ट्रांजिशन मेटल कॉम्प्लेक्स (जैसे [Fe(CN)6]³⁻) इस नियम का पालन नहीं करते, फिर भी वे स्थिर होते हैं।
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