ज्ञानेश कुमार कौन हैं? जानिए चुनाव आयुक्त और राजनीतिक विवाद से जुड़ी पूरी जानकारी
ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) 1988 बैच के केरल कैडर के पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, जिन्हें मार्च 2024 में भारत का चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) नियुक्त किया गया था। नए मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और पदावधि) अधिनियम, 2023 के तहत गठित उच्चस्तरीय चयन समिति द्वारा सुखबीर सिंह संधू के साथ उनके नाम पर मुहर लगाई गई थी।
हाल ही में राजनीतिक दलों और विभिन्न जन अधिकार संगठनों द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता, ईवीएम/वीवीपैट सत्यापन और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों व धरनों के चलते ज्ञानेश कुमार चर्चा के केंद्र में हैं।
ज्ञानेश कुमार का प्रशासनिक करियर और पृष्ठभूमि
ज्ञानेश कुमार भारतीय प्रशासनिक तंत्र के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। केंद्र सरकार के कई प्रमुख नीतिगत और ऐतिहासिक निर्णयों में उनका अहम प्रशासनिक योगदान रहा है:
- गृह मंत्रालय (MHA): वे गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (जम्मू-कश्मीर प्रभाग) के पद पर कार्यरत थे। अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के कार्यान्वयन के दौरान वे प्रमुख प्रशासनिक भूमिका में रहे।
- सहकारिता मंत्रालय: केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद वे इसके सचिव बने, जहाँ उन्होंने 'सहकार से समृद्धि' विजन और बहु-राज्य सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण व सुधारों पर कार्य किया।
- संसदीय कार्य मंत्रालय: केंद्र में सचिव के रूप में विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय समन्वय का प्रबंधन किया।
- शिक्षा: उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग (B.Tech) की और बाद में लोक प्रशासन व प्रबंधन में उच्च अध्ययन किया।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद और धरने की मुख्य वजहें
विपक्षी दलों और सामाजिक/नागरिक संगठनों (जैसे सीपीआई(एम), कांग्रेस, या नागरिक अधिकार मंच) द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैं:
- नियुक्ति प्रक्रिया पर आपत्ति: नए चुनाव आयोग अधिनियम के तहत चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को बाहर कर दिया गया और इसमें प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता को रखा गया। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि चयन समिति में सरकार का बहुमत होने से स्वतंत्र संस्था की स्वायत्तता प्रभावित होती है।
- संक्षिप्त समय सीमा (Short Notice): चयन समिति की बैठक से ठीक पहले उम्मीदवारों की सूची विपक्ष के नेता को सौंपे जाने पर पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगा।
- चुनाव निष्पक्षता पर सवाल: चुनावी आचार संहिता (MCC) के क्रियान्वयन, मतदान आंकड़ों (Voter Turnout Data) के समय पर प्रकाशन और ईवीएम-वीवीपैट पर उठने वाले सवालों को लेकर नागरिक संगठन चुनाव आयोग के मुख्यालय (निर्वाचन सदन) और विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन करते रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार: संक्षिप्त प्रोफाइल
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| विवरण | तथ्य / जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) |
| कैडर व बैच | 1988 बैच, केरल कैडर (IAS) |
| वर्तमान पद | चुनाव आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) |
| प्रमुख पूर्व पद | सचिव (सहकारिता मंत्रालय), अतिरिक्त सचिव (गृह मंत्रालय) |
| शिक्षा | बी.टेक (आईआईटी कानपुर), एचवीआई हार्वर्ड |
| नियुक्ति तिथि | 14 मार्च 2024 |
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मुख्य निष्कर्ष
ज्ञानेश कुमार भारत के वरिष्ठतम नौकरशाहों में से एक रहे हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और सहकारिता के क्षेत्र में जटिल सुधार लागू किए। चुनाव आयोग में उनकी नियुक्ति और उसके बाद उठने वाले राजनीतिक विवाद मुख्य रूप से संस्थागत स्वतंत्रता, पारदर्शिता और चयन समिति के ढांचे से जुड़े संवैधानिक प्रश्नों के इर्द-गिर्द घूमते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. ज्ञानेश कुमार कौन हैं? ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत के चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं।
Q2. चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति कब हुई? उनकी नियुक्ति 14 मार्च 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश पर की गई।
Q3. विपक्षी दल और संगठन इनकी नियुक्ति को लेकर विरोध क्यों जता रहे हैं? विरोध का मुख्य कारण नियुक्ति प्रक्रिया में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की गैर-मौजूदगी और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप है।
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